कांग्रेस के मंत्री विक्रमादित्य सिंह को तथ्यों का ज्ञान नहीं, मोदी सरकार ने हर संकट में देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की : त्रिलोक कपूर

विश्व राजनीति पर व्यंग्य करने से पहले कांग्रेस अपने समय की ऊर्जा विफलताओं को याद करे: त्रिलोक कपूर

शिमला, भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कांग्रेस नेता एवं मंत्री विक्रमादित्य सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और भारत की ऊर्जा नीति पर इस प्रकार का आधा-अधूरा ज्ञान और व्यंग्यात्मक टिप्पणी करना न केवल गैरजिम्मेदाराना है बल्कि देश के हितों के खिलाफ भी है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि आज जब पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता की स्थिति है, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। भारत विश्व के सबसे बड़े कच्चे तेल उपभोक्ताओं में से एक है और इसी कारण सरकार ने पिछले वर्षों में ऊर्जा आपूर्ति को किसी एक देश पर निर्भर न रखते हुए व्यापक रूप से तेल स्रोतों का विविधीकरण किया है।
उन्होंने कहा कि पहले जहां भारत लगभग 27 देशों से तेल आयात करता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40 देशों तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2025 में अर्जेंटीना जैसे नए स्रोत भी जोड़े गए हैं, जिससे भारत की आपूर्ति श्रृंखला पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। यही कारण है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत के पास 6 से 8 सप्ताह का कच्चे तेल और ईंधन का भंडार मौजूद है, जबकि वाणिज्यिक रिफाइनरियों के पास लगभग 25 दिनों का अतिरिक्त स्टॉक है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि सरकार के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) भी मौजूद हैं, जिनके कारण भारत लगभग 74 दिनों तक आपूर्ति में किसी भी वैश्विक बाधा का सामना करने की क्षमता रखता है। यही मजबूत तैयारी मोदी सरकार की दूरदर्शी नीति का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक दबावों के बावजूद भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए रूस से रियायती दरों पर कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई, जिससे देश की ऊर्जा लागत कम हुई और महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिली। वर्ष 2025 में भारत के कुल तेल आयात का लगभग 35 प्रतिशत रूस से आया, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत हुई।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि जैसे ही पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई, सरकार ने तुरंत कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक बुलाकर तेल आपूर्ति, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वहां रह रहे लगभग 90 लाख भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की समीक्षा की। यह बताता है कि सरकार हर परिस्थिति में सक्रिय और सतर्क है।
उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाते हुए कहा कि जब यूपीए सरकार के समय 2012–13 में ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लगे थे, तब भारत की कई सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियां ईरानी तेल पर निर्भर थीं और अचानक आयात में 26 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई थी। उस समय कांग्रेस सरकार पूरी तरह असहाय नजर आई थी। इसके विपरीत आज मोदी सरकार ने रिफाइनरियों को इस प्रकार विकसित किया है कि वे विभिन्न प्रकार के कच्चे तेल को प्रोसेस कर सकती हैं।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को देश की विदेश नीति और ऊर्जा रणनीति पर व्यंग्य करने से पहले तथ्यों का अध्ययन करना चाहिए। आज भारत की विदेश नीति रणनीतिक स्वायत्तता, बहु-स्रोत ऊर्जा आपूर्ति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ खड़ा है और हर संकट में अपने नागरिकों और अर्थव्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। कांग्रेस के नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर इस प्रकार की टिप्पणियां करना केवल उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
अंत में त्रिलोक कपूर ने कहा कि भाजपा और मोदी सरकार देशहित को सर्वोपरि मानते हुए काम कर रही है और भविष्य में भी भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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