₹120 करोड़ से अधिक की देनदारी के बावजूद HPMC में “5 करोड़ का मुनाफा” – कांग्रेस सरकार का वित्तीय खेल उजागर : संदीपनी

बागवानों का पैसा बकाया, फिर भी लाभ का दावा – क्या फर्जी बैलेंस शीट से सच्चाई छुपा रही है सरकार?

एमआईएस में 120.59 करोड़ का भुगतान लंबित – कांग्रेस सरकार ने बागवानों को किया आर्थिक रूप से बर्बाद : संदीपनी

व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन – हिमाचल में कांग्रेस का ‘अव्यवस्था मॉडल’ उजागर

शिमला,
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने एमआईएस (मार्केट इंटरवेंशन स्कीम) के तहत सेब बागवानों के 120.59 करोड़ रुपये लंबित होने के मामले पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्नदाता के साथ सीधा आर्थिक अन्याय है।
उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हजारों बागवानों का भुगतान महीनों से लंबित है, जिससे लगभग 57 हजार से अधिक बागवान प्रभावित हुए हैं। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि कांग्रेस सरकार न तो किसानों की हितैषी है और न ही उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार के अधिकारी यह तर्क दे रहे हैं कि “अधिक सेब खरीद के कारण भुगतान में देरी हुई”, लेकिन यह तर्क पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को पहले से अनुमान था तो वित्तीय प्रबंधन क्यों नहीं किया गया? क्या यह सरकार की नाकामी नहीं कि खरीद तो कर ली, लेकिन भुगतान करने की व्यवस्था नहीं की?
उन्होंने कहा कि एमआईएस के तहत 2025 में लगभग 98,506 मीट्रिक टन सेब की खरीद की गई, लेकिन भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
यह स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस सरकार केवल घोषणाएं करती है, जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन पूरी तरह विफल है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि हिमाचल में विकास कार्य ठप पड़े हैं, ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो रहा, और अब बागवानों का पैसा भी अटका दिया गया है। यह सरकार “घोषणाओं की सरकार” बनकर रह गई है, जिसमें न नीति है और न नीयत।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले किसानों और बागवानों के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि किसान सड़कों पर हैं और सरकार जवाब देने से बच रही है।
संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में “भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी” का माहौल बन चुका है, जिसके कारण योजनाओं का पैसा समय पर लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा।
उन्होंने मांग की कि:
एमआईएस के तहत लंबित 120.59 करोड़ रुपये का भुगतान तुरंत किया जाए
जिम्मेदार अधिकारियों और विभागीय लापरवाही की जांच हो
बागवानों को ब्याज सहित भुगतान दिया जाए
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने जल्द ही बागवानों को उनका हक नहीं दिया, तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ेगी और इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक जोरदार तरीके से उठाएगी।
“कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को विकास नहीं, बल्कि कर्ज, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के रास्ते पर धकेल दिया है — भाजपा बागवानों की आवाज बनकर इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष करेगी।”

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग कॉरपोरेशन (HPMC) के वित्तीय दावों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ जहां बागवानों का ₹120 करोड़ से अधिक का भुगतान लंबित है, वहीं दूसरी ओर बोर्ड मीटिंग में ₹5 करोड़ के मुनाफे का दावा किया जा रहा है। यह पूरी तरह से वित्तीय अनियमितता और आंकड़ों की हेराफेरी का मामला प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि यदि HPMC पर बागवानों की इतनी बड़ी देनदारी (liability) खड़ी है, तो फिर बैलेंस शीट में लाभ (profit) कैसे दिखाया जा सकता है? क्या सरकार और विभाग जनता को गुमराह करने के लिए गलत वित्तीय तस्वीर पेश कर रहे हैं?
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि यह मामला केवल तकनीकी नहीं, बल्कि गंभीर वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ा प्रश्न है। यदि ₹120 करोड़ से अधिक की देनदारी है, तो वास्तविक स्थिति घाटे की होनी चाहिए, न कि लाभ की। ऐसे में यह आशंका और मजबूत होती है कि बैलेंस शीट में तथ्यों को छुपाया या तोड़ा-मरोड़ा गया है।
उन्होंने आगे कहा कि HPMC द्वारा बनाए गए CA स्टोर भी अभी तक किराए पर नहीं दिए गए हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली और प्रबंधन पर और सवाल खड़े होते हैं। करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियां बेकार पड़ी हैं और दूसरी ओर बागवानों का पैसा अटका हुआ है।
क्या HPMC की बैलेंस शीट में हेराफेरी की गई है?
बागवानों का भुगतान कब तक किया जाएगा?
CA स्टोर जैसी संपत्तियों का उपयोग क्यों नहीं हो रहा?
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र ऑडिट जांच करवाई जाए और यदि कोई वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अंत में संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार “व्यवस्था परिवर्तन” के नाम पर केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि बागवान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
“यह सरकार कागजों में मुनाफा दिखा रही है, जबकि हकीकत में हिमाचल का बागवान कर्ज और बकाया भुगत रहा है – भाजपा इस सच्चाई को जनता के सामने लाती रहेगी।”
किसानों की स्थिति आज बेहद चिंताजनक है क्योंकि उन्हें टीएसओ (ट्री स्प्रे ऑयल) जैसी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। मजबूरी में किसानों को यह महंगा इनपुट अपनी जेब से खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत और बढ़ गई है। जबकि सरकार को चाहिए था कि एमआईएस (मार्केट इंटरवेंशन स्कीम) के तहत इस खर्च को वहन करते हुए किसानों को राहत देती। यह स्पष्ट दर्शाता है कि कांग्रेस सरकार न तो किसानों की जरूरतों को समझ रही है और न ही उन्हें समय पर सहायता प्रदान कर पा रही है।

4 thoughts on “₹120 करोड़ से अधिक की देनदारी के बावजूद HPMC में “5 करोड़ का मुनाफा” – कांग्रेस सरकार का वित्तीय खेल उजागर : संदीपनी

  1. naturally like your web-site but you have to check the spelling on quite a few of your posts. Several of them are rife with spelling problems and I find it very bothersome to tell the truth nevertheless I’ll certainly come back again.

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