समग्र शिक्षा के अंतर्गत एलिम्को द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों को सहायक एवं अनुकूलित उपकरणों का वितरण—-
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत दिव्यांग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से एलिम्को (Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India – ALIMCO) के सहयोग से सहायक एवं अनुकूलित उपकरणों के वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को उनकी शैक्षिक, सामाजिक एवं दैनिक गतिविधियों में अधिक सक्षम, आत्मनिर्भर तथा आत्मविश्वासी बनाना है।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आए दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों से विद्यार्थियों को विद्यालयी शिक्षा, आवागमन तथा दैनिक जीवन की गतिविधियों में सुविधा प्राप्त होगी। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी इन उपकरणों के महत्व एवं उनके उचित उपयोग के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री गोपाल चौहान, उप निदेशक उच्च शिक्षा, सोलन ने विद्यार्थियों को सहायक उपकरण वितरित किए तथा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को समान अवसर प्रदान करना है, ताकि कोई भी विद्यार्थी किसी भी प्रकार की शारीरिक या अन्य चुनौती के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं और एलिम्को के माध्यम से प्रदान किए जा रहे उपकरण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मेजबानी डॉ. राजिंदर वर्मा, जिला परियोजना अधिकारी एवं उप निदेशक गुणवत्ता, सोलन द्वारा की गई। उन्होंने समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित समावेशी शिक्षा कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विभाग का निरंतर प्रयास है कि विशेष आवश्यकता वाले प्रत्येक विद्यार्थी तक आवश्यक सुविधाएं एवं संसाधन पहुंचाए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें समाज में समान भागीदारी के लिए सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में श्रीमती गीतांजलि कश्यप, प्रधानाचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी), सोलन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों से विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहित करने का आह्वान किया ताकि वे अपने जीवन में सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकें।
इस अवसर पर श्रीमती जूली रिचर्ड, समन्वयक, डीआईईटी सोलन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे सहायक उपकरण उनकी शिक्षा को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, विशेष शिक्षक, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने समग्र शिक्षा एवं एलिम्को द्वारा किए जा रहे इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे दिव्यांग विद्यार्थियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अंत में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने सहायक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए समग्र शिक्षा, शिक्षा विभाग तथा एलिम्को का धन्यवाद व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं समावेशी शिक्षा के संकल्प के साथ हुआ।


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