पर्यावरण संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व – प्रशांत सिंह नेगीसुबाथू में ‘वृक्षारोपण अभियान एवं जागरूकता शिविर’ आयोजित
ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव प्रशांत सिंह नेगी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है। प्रशांत सिंह नेगी आज ग्राम पंचायत ककक्ड़हट्टी के गांव थेथोंग में आज ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन तथा वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में वृक्षारोपण अभियान के तहत एक जागरूकता शिविर में उपस्थित बच्चों व अन्य को सम्बोधित कर रहे थे।
प्रशांत सिंह नेगी द्वारा शांति निकेतन आश्रम सुबाथू परिसर में बेहडे का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव ने कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी उचित देखभाल भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे ही भविष्य में वृक्ष का आकार लेंगे। पर्यावरण संरक्षण में वृक्षों की भूमिका से हम सभी परिचित हैं। पौधरोपण के माध्यम से ही वन भूमि का दायरा बढ़ाकर भू-जल का संरक्षण और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे भूस्खलन के खतरे को न्यून करते हैं।
उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि अपने जन्मदिन या विशेष अवसरों पर पौधा लगाएं और उनकी देख-भाल भी सुनिश्चित करें। वर्तमान में पर्यावरण की सुरक्षा ही भविष्य को हरा-भरा बना कर रख सकती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वह इस अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधारोपण करें ताकि भविष्य में यह पौधे, पेड़ बनकर सभी के लिए लाभदायक बन सकें।
प्रशांत सिंह नेगी ने इस अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के टोल फ्री नंबर 15100 से कानूनी सहायता प्राप्त करने के विषय में सारगर्भित जानकारी भी प्रदान की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि न्यायालय के अधीन लंबित मामलों को मध्यस्थता और लोक अदालत के माध्यम से निपटाएं। इससे समय के साथ-साथ धन की बचत सम्भव है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा देश के हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने तथा कानून के दायरे में आने वाले किशोरों के सुधार के लिए किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा इसके संशोधित नियमों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य दंड देने के बजाय बच्चों के पुनर्वास, सामाजिक पुनर्गठन और उनके सर्वोत्तम हित को सुनिश्चित करना है।
प्रशांत सिंह नेगी ने आश्रम के विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके बेहतर भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी किया।
कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी दिव्या शर्मा ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उचित देखभाल के तकनीकी गुर सिखाए।
शांति निकेतन आश्रम के छात्रों द्वारा परिसर में दाडू, बेहडा, आँवला, जडीनू, बान्स व अन्य लगभग 50 औषधीय पौधों को रोपित किया।
इस अवसर पर शांति निकेतन आश्रम के निदेशक ललमुनल्यानी, अधीक्षक तीथवीन, शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।

