नालागढ़ पुलिस थाना परिसर में हुए विस्फोट मामले ने नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। इस बीच दो आतंकी संगठनों द्वारा विस्फोट की जिम्मेदारी लेने की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दावा किया गया है कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पंजाब संप्रभुता गठबंधन ने नालागढ़ विस्फोट की जिम्मेदारी ली है।
पुलिस ने इस प्रकरण में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी हैं और जांच का दायरा व्यापक कर दिया गया है। जांच अधिकारियों के निर्देशानुसार स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआईडी और अन्य विशेष विंग की टीमें जांच में जुटी हुई हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और पंजाब पुलिस से भी संपर्क स्थापित कर तकनीकी और खुफिया सहयोग लिया जा रहा है।
पुलिस परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है, ताकि विस्फोट से जुड़े किसी भी संदिग्ध सुराग का पता लगाया जा सके। हालांकि अभी तक इस मामले से पर्दा पूरी तरह नहीं उठ पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
गौरतलब है कि यह घटना वीरवार सुबह करीब पौने 10 बजे पुलिस थाना नालागढ़ परिसर में स्टोर रूम के पीछे हुई थी। अचानक हुए विस्फोट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर नमूने एकत्रित किए, जिन्हें रासायनिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
पुलिस थाना परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर विस्फोट होने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस घटना के बाद भाजपा ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए सरकार से जवाब मांगा है। उधर, पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हालांकि जांच अधिकारियों ने इन दावों की पुष्टि से इंकार करते हुए कहा कि बिना सत्यापन के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।