राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर (सोलन) में ग्रामीण प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ

धर्मपुर (सोलन), 29 नवम्बर:
जिला सोलन के सरकारी डिग्री कॉलेज धर्मपुर में 29 नवम्बर 2025 को ग्रामीण उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्रामीण प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ किया गया। यह पहल भारत सरकार की रेज़िंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) योजना के अंतर्गत, हिमाचल प्रदेश सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (HPCED), उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से प्रारंभ की गई है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. सुनीता गोयल, प्राचार्या, जीडीसी धर्मपुर रहीं। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं में नवाचार और उद्यमशीलता कौशल को विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर छात्रों को अपनी नई और अभिनव सोच को व्यवहारिक परियोजनाओं और उद्यमों में बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत सेंसिटाइजेशन सेशन-कम-वर्कशॉप से हुई, जो उच्च शिक्षा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश (पत्र संख्या EDN-HE(9)1-1/Budget/2025-26 दिनांक 22 नवम्बर 2025) के दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित की गई थी। इस सत्र का उद्देश्य छात्रों में उद्यमशीलता के अवसरों तथा RAMP योजना के अंतर्गत उपलब्ध सहायता प्रणालियों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।


कार्यशाला के संसाधन व्यक्ति श्री सुधीर शर्मा ने ग्रामीण प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर के उद्देश्यों, HPCED द्वारा प्रदान किए जाने वाले सहयोगी तंत्र तथा RAMP योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने छात्रों को ग्रामीण समुदायों के लिए बनाए गए इन्क्यूबेशन और स्टार्ट-अप कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। यह कार्यशाला अत्यंत सहभागितापूर्ण रही, जिसमें छात्रों को आइडिया वैलिडेशन, बिजनेस प्लानिंग के मूल तत्वों और प्रारंभिक चरण के स्टार्ट-अप विकास में प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। संसाधन व्यक्ति श्री सुधीर शर्मा का सहयोग श्री मुकेश कुमार ने किया।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. जगदेव चंद शर्मा, सहायक प्रोफेसर समाजशास्त्र एवं नोडल अधिकारी, समन्वयक, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल, जीडीसी धर्मपुर ने किया। उन्होंने बताया कि यह सेंटर अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सेतु का कार्य करेगा तथा छात्रों को ग्रामीण चुनौतियों के समाधान हेतु नवाचारपूर्ण विचार विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों की स्टार्ट-अप संस्कृति और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय के संकाय सदस्यों—डॉ. सतीश नेगी, एसोसिएट प्रोफेसर भूगोल, डॉ. सुनील चौहान, एसोसिएट प्रोफेसर राजनीति विज्ञान—सहित सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्रों की भारी उपस्थिति रही, क्योंकि यह सत्र सभी छात्रों के लिए अनिवार्य घोषित किया गया था।


स्थानीय समुदाय से श्री दिनेश कुमार, प्रधान, ग्राम पंचायत सनवारा, तथा श्री रमेश कुमार शर्मा, वार्ड सदस्य, ग्राम पंचायत सनवारा भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। महाविद्यालय के पूर्व छात्र जिन्होंने स्नातक पूर्ण कर ली है, वे भी इस अवसर पर उपस्थित रहे और कॉलेज द्वारा उद्यमशीलता विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव संवाद सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने अपने विचार प्रस्तुत किए और संभावित स्टार्ट-अप अवसरों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। ग्रामीण प्री-इन्क्यूबेशन सेंटर, जीडीसी धर्मपुर आने वाले महीनों में युवा-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर मेंटरशिप, प्रशिक्षण और संसाधन सहायता प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।

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