सोलन । कोटला बरोग स्कूल में बच्चों ने मिड डे मील में चक्खा खुद उगाई गई मशरूम का स्वाद–
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सिरमौर जिले के एक सरकारी स्कूल ने पोषण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अनूठी मिसाल पेश की है।
मिशन व्हाइट अम्ब्रेला” से प्रेरित होकर उप जिला प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी सोलन श्री राज कुमार पराशर के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला बड़ोग के प्रधानाचार्य श्री बंसी लाल नेगी द्वारा विद्यालय परिसर में मशरूम उत्पादन की अभिनव पहल शुरू की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार एवं व्यावहारिक कृषि गतिविधियों से जोड़ना है।
प्रधानाचार्य श्री बंसी लाल नेगी ने बताया कि विद्यालय में उगाए जा रहे मशरूम का उपयोग मध्यान्ह भोजन योजना में किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को पौष्टिक एवं प्रोटीन युक्त भोजन उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि मशरूम पोषण का एक उत्कृष्ट स्रोत है और इसके नियमित सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह पहल केवल पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। विद्यालय में विद्यार्थियों को कृषि व्यावसायिक प्रशिक्षक श्री निखिल भारती द्वारा मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, रखरखाव एवं विपणन संबंधी जानकारी भी दी जा रही है, जिससे वे भविष्य में इसे स्वरोजगार के रूप में अपना सकें.विद्यालय प्रबंधन समिति तथा अभिभावकों ने भी इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। स्थानीय समुदाय ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की पहल अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में मशरूम उत्पादन का दायरा बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को जैविक खेती एवं अन्य उद्यमशील गतिविधियों से जोड़ने की योजना भी बनाई है। इस पहल से विद्यालय में नवाचार, पोषण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित हो रहा है। इस पहल से प्रेरित होकर विद्यालय के 11वीं कक्षा की छात्र अमन और विश्वजीत ने अपने ही घर में मशरूम तैयार करके व्यावसाहिक रूप में बेचना शुरू किया है।

